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Love.Birds : प्रेमी जोड़ा शांत हुआ तो लव-जेहाद को भुनाने में लग गए लोग!

Love.Birds : प्रेमी जोड़ा शांत हुआ तो लव-जेहाद को भुनाने में लग गए लोग!
  • सखी वन स्टॉप सेंटर का विवाद अब राज्यपाल तक पहुंचा

    वकीलों और सरकारी अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे


रायपुर. सखी वन स्टॉप सेंटर का विवाद अब राज्यपाल तक पहुंच गया है. राज्यपाल के द्वारा सेंटर का मुआयना करने के बाद इसे संचालित करने वाले महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों, हाईकोर्ट अधिवक्ता प्रिया शुक्ला तथा धमतरी पुलिस अधीक्षक की भूमिका संदेह के दायरे में आ गई है.

जानते चलें कि धमतरी की अंजली जैन, 22 वर्ष ने एक मुस्लिम नवयुवक से प्रेम विवाह कर लिया था. अंजली जैन ने स्पष्ट कह दिया है कि वह मुस्लिम लड़के के साथ रहना चाहती है परंतु भाजपा—कांग्रेस के कुछ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद उसे सखी वन स्टॉप सेंटर में भेज दिया गया है. मामला हिन्दु—मुस्लिम से जुड़ा होने के कारण राजनीतिक रंग भी ले रहा है तथा कई लोग अपना चेहरा चमकाने में लग गए हैं.

दूसरी ओर सामाजिक कार्यकर्ता ममता शर्मा का आरोप है कि सेंटर के 1700 कॉल में से 1400 कॉल वकील मोइनुद्दीन और अंजलि जैन के बीच हुई बातचीत के हैं लेकिन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी और नेता इस मामले में खामोश हैं और मामला संदिग्ध लग रहा है. ममता शर्मा ने कहा कि मैं किसी जात-धर्म की बात नही कर रही हूं परंतु सेंटर के 1700 कॉल में से 1400 कॉल वकील मोइनुद्दीन और अंजलि जैन के बीच हुई बातचीत के हैं तो इसकी जांच की जानी चाहिए. हालांकि इस बातचीत को मुवक्किल और अधिवक्ता के बीच पेशेवर बातचीत से जोड़ा जा रहा है.

उधर एसपी धमतरी के मौखिक निर्देश के बाद अंजली जैन का मोबाइल वापस करवा दिया गया है. ममता शर्मा ने आरोप लगाया कि तथाकथित फर्जी रूप से मानव अधिकार आयोग की सदस्य व हाईकोर्ट अधिवक्ता प्रिया शुक्ला अपनी पोलपट्टी खुलते देख खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे की स्थिति में प्रतिबंधित क्षेत्र यानि कि सेंटर के भीतर फेसबुक लाईव कर वीडियोग्राफी कैसे कर रही हैं. और जब उसे रोका गया तो मारपीट करने का आरोप लगा दिया गया.

सवाल खड़ा हुआ है कि वकील मोइनुद्दीन नियम विरुद्ध सेंटर के भीतर अंजली को मोबाईल कैसे देता थी और जब पकड़ा गया तो छीनने का आरोप लगा डाला. इसी तरह अंजली जैन को बाहर का खाना क्यों खिलाया जा रहा है और उसे किसकी शह हासिल है. किस ऑथरिटी के परमिशन से मोइनुद्दीन वकील हर दो दिन मे मिलने आता है. सेंटर की अधीक्षिका ने जिला कार्यक्रम अधिकारी ए के पांडेय को लिखित शिकायत की थी परंतु उस पर आज तक कोई कार्यवाही नही हुई. इस सारे संदेहास्पद सवालों की जांच की गई है.