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निर्माण कार्य कागजों मेंं, सरपंच-सचिव ने डकारे लाखों

  निर्माण कार्य कागजों मेंं, सरपंच-सचिव ने डकारे लाखों

दुर्गानाथ देवांगन
कोण्डागांव, 14 सितंबर। जिले के जनपद पंचायत फरसगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत गट्टीपलना में शुक्रवार को पंचायत भवन के सामने लोगों का हुजूम देखने के लायक था। यह हुजूम कोई चुनावी सभा या किसी प्रकार का कार्यक्रम देखने के लिए नहीं था, बल्कि गांव के विकास के लिए आई राशि का सरपंच सचिव द्वारा की गई हेराफेरी के विरोध में था। जनपद फरसगांव के ग्राम गट्टीपलना में ग्राम पंचायत के विभिन्न मदों में जमा राशि को कागज में व्यय बताकर बंदरबाट करने का मामला सामने आया है। लाखों रुपए तो केवल खनिज रॉयल्टी के नाम पर ही आता है। दरअसल इस मामले की शिकायत लेकर पिछले दिनों बड़ी संख्या में ग्रामीण सरपंच व सचिव पर सरकारी राशि में लाखों की हेराफेरी का आरोप लगाते हुए जांच कराने पुलिस थाना पहुंचे थे लेकिन ग्रामीणों को संतोषजनक जवाब नहीं मिलने से इसकी शिकायत जिला स्तरीय अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से की। मामले की जांच पड़ताल के लिए सीईओ जिला पंचायत नूपुर पन्ना एवं उपाध्यक्ष जिला पंचायत रवि घोष शुक्रवार को मौके पर पहुंचे। सरपंच-सचिव को सामने रखकर ग्रामीणों की शिकायत के संबंध में मामलों की जानकारी लेते रहे। इस दौरान सरपंच सचिव हर आरोपों पर गोलमोल जवाब देते रहे।  पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों के आमने सामने होने के बाद जब बात नहीं बनी तो सीईओ व जिला पंचायत उपाध्यक्ष से ग्रामीणों ने मौके पर निरीक्षण की बात कहीं। और मौका निरीक्षण के दौरान जहां सरपंच कागज में सीसी सड़क बता रहे थे वहां दरअसल पगडंडी थी। यहां तक कि इस रास्ते में उड़द फसल भी एक किसान ने बोया है। शौचालय निर्माण के मामले में भी स्वीकृत 251 शौचालय की जगह कागज में 266 बनना बताया जा रहा है, लेकिन सरपंच ने स्वीकार किया कि मौके पर इतनी संख्या में नहीं बना है। तार फेंसिंग भी सिर्फ कागज में ही सिमटकर रह गया।
एक सरपंच और चार सचिव रहे तैनात
सच्चाई जानने के लिए जब उपाध्यक्ष जिला पंचायत मौके पर पहुंचे, उस दौरान एक नहीं चार सचिवों को मौके पर बुलवाया गया था। जिसमें पूर्व के साथ ही आसपास पंचायतों के सचिव उपस्थित रहे जो वर्तमान महिला सचिव जो कुछ दिनों पहले ही यहां अपनी ज्वाइनिंग दी है और उसकी सहायता करते दिखे। दरअसल इसी पंचायत में ग्रेनाइट पत्थर भी निकलता है जिसकी रायल्टी की राशि लाखों में आती है लेकिन पंचायत प्रतिनिधियों के पास इस राशि के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। वहीं सचिवों ने तो पूरा का पूरा मामला सरपंच के मत्थे ही मढ़ते दिखे।
मामले की शिकायत के बाद मौके पर सत्यापन करने पर ज्ञात हुआ कि यहां निर्माण कार्यों के नाम पर बड़ी मात्रा में गड़बड़ी सामने आई है। जिसकी नियमानुसार जांच कर कार्यवाही की जाएगी।
नूपुर रा शि पन्ना
सीईओ जिला पंचायत कोंडागांव