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BIG BREAKING: कर्ज माफी का धोखा देकर कमलनाथ अब कर रहे किसानों के लिए खाद की चिंता- कमल पटेल

BIG BREAKING: कर्ज माफी का धोखा देकर कमलनाथ अब कर रहे किसानों के लिए खाद की चिंता- कमल पटेल

जनधारा ब्यूरो

भोपाल, 20 जुलाई। मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर पलटवार करते हुए कहा कि जो सरकार दस दिन में कर्ज माफ करने का वादा पंद्रह महीनों में भी पूरा नहीं कर सकी उसे अब किसानों के लिए खाद की चिंता सता रही है। कमल पटेल ने कहा कि किसानों के लिए खाद का पर्याप्त इंतजाम किया जा रहा है, प्रदेश में खाद का अवैध भंडारण तथा कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ अब रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी। 


पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य में यूरिया का संकट से किसानों के परेशान होने का आरोप लगाया है। मंत्री कमल पटेल ने इस आरोप को एक सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कमलनाथ हवा के नेता हैं वो खेत की मेढ़ पर कभी पहुंचे नहीं, उन्हें यह नहीं पता फसल कैसे लगती है,उस मे कितनी खाद लगती है और किसानों की बात कर रहे हैं। कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि कमलनाथ पहले दस दिनों में कर्जमाफी का वादा कर सत्ता में आ गए, उन्होंने किसानों से धोखा कर उन्हें बर्बाद कर दिया, किसानों की संस्थाओं को बर्बाद कर दिया इसके साथ ही किसानों को दोगुने दाम चुकाकर खाद लेना पड़ी। कांग्रेस अब उपचुनाव के लिए भी वह किसानों से आस लगाए हैं जबकि प्रदेश के किसान धोखाधड़ी का शिकार होकर असलियत जान चुके हैं।श्री पटेल ने कहा कि खरीफ फसलों को दृष्टिगत रखते हुए उर्वरक आपूर्ति की लगातार समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है पूरे प्रदेश में किसानों को किसी भी तरह से खाद, यूरिया की उपलब्धता में परेशानी न हो, यह अच्छी तरह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को उर्वरक के अवैध भंडारण करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के साफ निर्देश दिए गए हैं। कमल पटेल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार माफिया की सरकार थी, भाजपा की सरकार किसानों की सरकार है, कांग्रेस के समय एक भी प्रकरण दर्ज नहीं हुआ जबकि अब राज्य में यूरिया के अवैध भंडारण पर  एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, उर्वरक के अवैध भंडारण को किसी भी कीमत पर  बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों को धोखा देने वालों के खिलाफ रासुका के तहत प्रकरण दर्ज होगा। कमल पटेल ने कहा कि किसानों के लिए खाद का पर्याप्त इंतजाम किया जा रहा है, पिछली बार के मुकाबले 30 प्रतिशत यूरिया और 50 प्रतिशत डीएपी अधिक प्रदाय किया जा चुका है, एक लाख मेट्रिक टन यूरिया के रेक जल्द पहुंचने वाले हैं,  पटेल ने कहा कि खाद की मांग बनी रहने तक आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।