चावल हेरा फेरी मामले में 7 दिन बाद भी नहीं हो पाई प्रशासनिक जांच

चावल हेरा फेरी मामले में 7 दिन बाद भी नहीं हो पाई प्रशासनिक जांच


पुलिस ने फूड इंस्पेक्टर ट्रक मालिकों व सेल्समैन को नोटिस जारी कर किया तलब


दंतेवाड़ा, 25 सितंबर। वेयरहाउस से 403 बोरा गरीबों का हक का चावल की हेराफेरी का मामला और भी उलझता जा रहा है  सूत्रों की माने तो एक ही लॉट नंबर का चावल दो दो स्थान पर क्या उपयोग हो सकता है ? 

जिस लॉट नंबर का चावल दंतेवाड़ा वेयरहाउस से भेजे जाने का मामला उजागर हुआ है उसमें लांट नंबर 7098 का चावल 14 सितंबर को सुकमा वेयरहाउस में 400 बोरी पीडीएस का चावल जमा होने कि जानकारी मिली है जो बस्तर जिले के बकावंड राजा राइस मिल का चावल बताया जा रहा है।

गुडसे राशन दुकान के सेल्समैन घेनवाराम ने फूड इंस्पेक्टर योगेश मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाते हुए शपथ पत्र में मीडिया के सामने अपना बयान दिया।  जिसके बाद कई  नए पहलू सामने आए घेनवाराम फूड इंस्पेक्टर योगेश मिश्रा द्वारा दबाव डालकर बयान देने को कहा । जबकि सेल्समैन द्वारा अपने बयान में साफ साफ कहा गया है कि 18 तारीख को जो चावल गुड़से के लिए निकला था वहां उसके पास नहीं पहुंचा उसके बावजूद खाद निरीक्षक द्वारा सेल्समैन के ऊपर दबाव डाला जा रहा है ।


इस पूरे मामले में अभी तक एसडीएम लिंगराज सिद्धार्थ जांच अधिकारी द्वारा सभी पहलुओं पर सभी के बयान ले लिए गए हैं उसके बावजूद अब तक चावल हेरा फेरी मामले में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो पाई है जबकि जारम लावारिस चावल से भरा ट्रक को भी प्रशासन ने कोतवाली में लाकर खाद निरीक्षक अधिकारी व पुलिस के सामने एक एक बोरा का पंचनामा किया गया पंचनामा किए 48 घंटे होने को आए उसके बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी इस विषय में बोलने को तैयार नहीं एसडीएम लिंगराज सिद्धार्थ का कहना है कि आप पूरे मामले को पुलिस देख रही है पुलिस का कहना है कि अभी सभी तथ्यों पर जांच चल रही है  फूड इंस्पेक्टर ट्रक मालिक व सेल्समैन को नोटिस जारी किया गया है जांच उपरांत बताया जाएगा। 

इस जांच के चक्कर में 7 दिनों से पीडीएस के चावल भरे तीन ट्रक जिला कोतवाली में खड़े हैं जोकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र के अलग-अलग गांव में सरकारी दुकानों में जाना है जिसके बाद यहां चावल ग्रामीणों  में बट पाएगा जिसके लिए आदिवासी ग्रामीण कोसों दूर चल कर सरकारी दुकान तक पहुंचते हैं भोले-भाले ग्रामीण 5 किलो चावल के लिए कोसों दूर चल कर आते हैं परंतु नक्सल प्रभावित क्षेत्र में चावल की कालाबाजारी करने वाले ट्रक ट्रक चावल पारकर अपनी जेब भर रहे हैं। 

इस मामले को लेकर भाजपा संगठन सामने आया है और कलेक्टर को चावल हेरा फेरी मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई करने का ज्ञापन सौंपा अब देखने वाली बात यह है कि शासन-प्रशासन सभी तथ्यों पर जांच कर किस प्रकार कार्रवाई करता है।