बस ऑपरेटरों की परिवहन मंत्री के साथ मीटिंग बेनतीजा रही, बसें नहीं चलाने के निर्णय पर अडिग रहे बस ऑपरेटर

 बस ऑपरेटरों की परिवहन मंत्री के साथ मीटिंग बेनतीजा रही, बसें नहीं चलाने के निर्णय पर अडिग रहे बस ऑपरेटर

रायपुर. छत्तीसगढ़ बस ऑपरेटरों की परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर के साथ मीटिंग बेनतीजा रही। बस ऑपरेटर अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर बसें नहीं चलाने के निर्णय पर अडिग हैं। आज परिवहन मंत्री से चर्चा से पहले छत्तीसगढ़ के बस ऑपरेटरों की रायपुर बस स्टैंड में एक बैठक हुई। जिसमें 8 सूत्रीय मांगों को लेकर विचार विमर्श और रणनीति तैयार की गई।

बैठक के बाद परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि बस ऑपरेटरों की सभी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाएगा । इन मांगों में से कुछ मांगे ऐसी हैं जिस पर मंत्रिमंडल ही निर्णय ले सकता है। उन्होंने मंत्रिमंडल के सदस्यों और अफसरों के साथ मिलकर इस संबंध में चर्चा कर जल्द ही कोई निर्णय लेने की बात कही। इधर परिवहन मंत्री की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर बस मालिक बस नहीं चलाने के निर्णय पर अडिग रहे।

छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश देशलहरा ने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार की ओर से लिखित आश्वासन नहीं मिलता तब तक वे बसें नहीं चलाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी प्रमुख मांगे मार्च 21 तक का टैक्स माफ, नॉन यूज बसों को टैक्स से मुक्त रखने, डीजल के रेट की तुलना में यात्री किराए में बढ़ोतरी, टोल टैक्स से मुक्ति है।

वहीं बस मालिक और परिवहन मंत्री की बैठक में कोई निर्णय नहीं निकलने पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुनील सोनी ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार को बस मालिकों की तकलीफ से कोई लेना-देना है ना ही जनता की परेशानी से। हम आपको बता दें कि बस नहीं चलने की वजह से 12 हजार बस मालिकों के सहित 50 हजार से अधिक इन बसों के ड्राइवर कंडक्टर हेल्पर के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इनका कहना है कि अगर चार-पांच दिन और बसें नहीं चली तो उनके परिवार के समक्ष भूखे मरने की स्थिति निर्मित हो जाएगी।