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धारा 377 हटने के वर्षगांठ पर एलजीबीटी समुदाय ने धूमधाम से मनाई आजादी दिवस

धारा 377 हटने के वर्षगांठ पर एलजीबीटी समुदाय ने धूमधाम से मनाई आजादी दिवस

आशिक़ा कुजुर

रायपुर, 7 सितंबर। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आईपीसी की धारा 377 हटाए जाने के वर्षगांठ पर मरीन ड्राइव के पास स्थित नुक्कड़ टीफे में एलजीबीटी समुदाय के द्वारा विविध रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान समुदाय के सदस्यों ने भाषण, गीत , कहानी , चुटकुला , खेल और गानों के द्वारा अपनी खुशी जाहिर की।

उल्लेखनीय है कि आईपीसी की धारा 377 के हटने से पहले समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी में रखा गया था। लेकिन पिछले साल 6 सितंबर को माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा 377 को असंवैधानिक घोषित कर समलैंगिकता को अपराध से मुक्त किया गया। इस फैसले का पूरे देश में स्वागत किया गया। फैसले से छत्तीसगढ़ में भी जश्न का माहौल था।


वर्षगांठ के अवसर पर अपनी बात रखते हुए ट्रांसजेंडर समुदाय के हित में बनाई गई मितवा समिति  की अध्यक्षा विद्या राजपूत ने कहा की धारा 377 हटने के बाद सही रूप में हमारे समुदाय के लोगों को स्वतंत्रता प्राप्त हुई। वरना इससे पहले लोग हमे समाज से तिरस्कृत करते थे।  सरकार के इस फैसले के इस फैसले ने एलजीबीटीक्यू समुदाय को एक नया जीवन दिया है। हमें समाज में सर उठा हक दिया। महिलाओं और पुरुषों की तरह है किन्नरों को भी स्वरोजगार करने का अवसर मिला। समाज का कई वर्गों में आज भी किन्नर, लैसबियन , गे जैसे शब्द लेना भी उचित नहीं समझा जाता है लेकिन धारा 377 हटने के बाद लोगों में थोड़ी जागरूकता आई है और लोगों ने भले ही पूरे दिल से हमें ना अपनाया हो लेकिन अब वह हमें हिजड़ा कहकर अपमान नहीं करते हैं।

सिद्धांत कुमार बेहरा ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि यह फैसला प्यार को बंधनों से मुक्त करता है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद अब प्यार सारे बंधनों से मुक्त है।

कार्यक्रम के संयोजक अक्षय मानकर ने बताया कि छत्तीसगढ़ में एलजीबीटी समुदाय के लोग बहुत तेजी से संगठित हो रहे हैं तथा वे अपने अधिकारों के लिए जागरूक हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 8 सितंबर और 9 सितंबर को एलजीबीटी समुदाय के लिए अलग-अलग जगहों पर कार्यशाला का आयोजन किया गया है। 


इस अवसर पर खैरागढ़ से आई एलजीबीटीक्यू की सपोर्टर शिवानी ने मानसिक समस्याओं के बारे में चर्चा करते हुए बताया कि  समुदाय के मानसिक समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के मानसिक समस्याओं को अनदेखी नहीं करना चाहिए। मानसिक मानसिक परेशानियों को लोग ज्यादा तवज्जो नहीं देते हैं लेकिन इसकी वजह से लोगों का जीवन प्रभावित होता है। इसलिए जरूरी है कि अपने आसपास के लोगों के बिहेवियर को नोटिस करते रहे और कभी भी ऐसा लगे वह मानसिक रूप से ग्रस्त है तो उसकी सहायता जरूर करें। शुरुआती दौर में इसके लिए आपको एंबुलेंस बुलाने बुलाने की जरूरत नहीं है लेकिन कभी-कभी बातचीत करके भी बड़ी से बड़ी परेशानियों को भी सुलझाया जा सकता है।

प्रेरणा सुब्रमण्यम ने अपने कॉलेज के अनुभवों को सबके साथ शेयर किया और कहा कि हमें डायवर्सिटी को एक्सेप्ट करना चाहिए। किसी भी व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए। 

इसी तरह पत्रकारिता के छात्र विकास साहू ने बहुत ही मार्मिक गाना गाया और आजादी के वर्षगांठ की खुशी को दोगुना कर दिया।कार्यक्रम में आकाश, रवि श्रीवास्तव, बिलासपुर से पीयूष ने अपनी कविताओं के माध्यम से अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। इस दौरान आगामी दिनों में होने वाले प्राइड मार्च के पोस्टर्स को लांच किया किया गया तथा केक काटा गया। वर्षगांठ सम्मेलन में रायपुर, बिलासपुर और भिलाई  से समुदाय के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। साथ ही समुदाय के प्रति आदर भाव रखने आदर भाव रखने वाले लोग एवं धारा 377 हटाने के फैसले सम्मान करने वाले लोग भी उपस्थित थे।