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दवाइयों के पत्ते पर बनी 'लाल लकीर' पड़ सकती है सेहत पर भारी

दवाइयों के पत्ते पर बनी 'लाल लकीर' पड़ सकती है सेहत पर भारी

छोटी-मोटी हैल्थ प्रॉब्लम्स जैसे सिरदर्द, कमर दर्द या बदन दर्द से छुटकारा पाने के लिए अक्सर लोग पेनकिलर्स का सहारा लेते हैं। लोग छोटी-मोटी बीमारी के लिए डॉक्टर्स की सलाह लेना जरूरी नहीं समझते लेकिन आपकी यह लापरवाही किसी बड़ी समस्या का कारण बन सकती हैं। बिना डॉक्टर की सलाह लिए किसी भी दवा का सेवन आपकी सेहत को और भी ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।

 इसी बात को ध्यान में रखते हुए कुछ दिनों पहले स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक ट्वीट शेयर किया था, जिसमें उन्होंने लोगों को बिना सलाह लिए दवाइयों को खाने से बचने के लिए कहा था। अपने ट्विटर पोस्ट के जरिए हैल्थ मिनिस्टरी ने लोगों को लाल लकीर वाली दवा लेने से मना किया है। साथ ही उन्होंने लिखा कि क्या आप दवाई पर बनी लाल लकीर का मतलब जानते हैं?
 
क्यों बनी होती है लाल लकीर?
उन्होंने बताया इसका मतलब है कि एंटीबायोटिक्स, पेनकिलर्स जैसी जिन दवाईयों पर लाल रंग की पट्टी बनी हो उन्हें डॉक्टर द्वारा वेरीफाई किए बिना नहीं लेना चाहिए। यहां तक कि मेडिकल स्टोर वाले भी ये दवाइयां बिना डॉक्टर की रिसिप्ट या रसीद के नहीं बेच सकते। ऐसा करने पर सख्त मनाही है। एंटीबायोटिक दवाओं का गलत तरीके से इस्तेमाल रोकने के लिए ही दवाइयों पर लाल रंग की पट्टी लगाई जाती है।

चलिए अब आपको बताते हैं कि गलत दवाओं का सेवन करने से आपको क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं।
-सबसे पहले तो बता दें कि ज्यादा या गलत दवाई का सेवन किडनी व लिवर को नुकसान पहुंचाता है। इससे किडनी फेलियर, लिवर इंफैक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
-गलत दवा इम्यून सिस्टम पर भी असर डालती हैं, जिससे आपकी समस्या जल्दी ठीक होने की बजाए और भी बढ़ सकती है।
-इससे पाचन क्रिया भी धीमी हो सकती है, जिससे आपको कब्ज, डायरिया, स्किन प्रॉब्लम्स, सूजन, एलर्जी हो सकती है।
-कुछ दवाएं इतनी स्ट्रांग होती हैं, जिसके कारण आपको नींद न आना, चिड़चिड़ापन और सिरदर्द की शिकायत हो सकती है।
-हल्के दर्द में भी पेनकिलर लेते हैं तो बता दें कि इससे बीपी बढ़ने की समस्या हो सकती है।
-बहुत अधिक मात्रा में दवा का सेवन करने से खून पतला होने की समस्या हो सकती है।
-प्रेगनेंसी के दौरान तो खासकर किसी भी दवा को डॉक्टर की सलाह लिए बिना नहीं लेना चाहिए। इससे गर्भपात की संभवाना रहती है।
-गलत दवा खून को पतला और खून की रासायनिक संरचना भी बदल सकती है, जिसे ब्लड डिस्क्रैसिया कहते हैं। अगर इसका प्रभाव शरीर पर ज्यादा पड़ जाए तो रोगी की जान भी जा सकती है।

दवाओं साइड इफेक्ट्स तो आपने जान लिए हैं लेकिन बावजूद इनसे पूरी तरह से दूरी नबी बनाई जा सकती। ऐसे में आप कुछ बातों का ध्यान रखकर इनके साइड-इफैक्ट्स को कम कर सकते हैं।

. खाली पेट दवा ना लें, खासकर पेनकिलर।
. एक समय में 1 से ज्यादा दवा लेने से बचिए।
. दवा लेने के बाद शरीर में पानी की कमी मत होने दें।
. अगर आपको एक पूरी गोली लेनी है तो उसे तोड़ने की बजाए सीधे निगलें। अगर आपको आधी गोली ही लेनी है तो आप इसे तोड़ सकते हैं।
. अगर दवा लेने के बाद कोई भी प्रॉब्लम हो तो तुरंत डॉक्टर से चेकअप करवाएं।